जिले में अभी तक सिर्फ मंडलीय अस्पताल में डिजिटल एक्सरे की सुविधा उपलब्ध है। बाकी सभी सरकारी अस्पतालों और ग्रामीण क्षेत्र की सीएचसी में मैनुअल एक्सरे होता है। डिजिटल एक्सरे की गुणवत्ता बेहतर होती है। ऐसे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टर मरीजों को डिजिटल एक्सरे कराने के लिए मंडलीय अस्पताल भेजते हैं।
वहीं, मंडलीय अस्पताल में मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। यहां रोज 100 से डेढ़ सौ मरीजों की जांच हो पाती है। इससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, टीबी रोगियों के लिए भी डिजिटल एक्सरे कराना बेहद जरूरी होता है।
इससे फेफड़े की टीबी का आंकलन हो पाता है। इसको देखते हुए डिजिटल एक्सरे की चार मशीनें मंगाई गई हैं। दो मशीनें आ चुकी हैं, जो टीबी अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहरौरा में लगा दी गई हैं। दो मशीनें आने वाली हैं, जो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज और जमालपुर में लगाई जाएंगी।
इससे टीबी रोगियों के अलावा ग्रामीण इलाके के मरीजों को काफी सहूलियत होगी। वहीं, मंडलीय अस्पताल में मरीजों का दबाव भी कम होगा।
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